गूलर के फूल
काली घटायें देख मोर , पपीहा ने बागों में है कूक सुनायी ,
बड़े - बुजुर्गों ने आल्हा महिलाओं ने मल्हार - राग गायी ,
मनभावन दृश्यों का भरपूर आनंद लेने को आतुर ,
सावन के मौसम में गूलर के फूल भी पड़ने लगे दिखायी ।
प्रेम कुमार लविश
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