कशिश और अनाइसा का प्रेम पत्र ( 4 )
------- अनाइसा द्वारा लिखा गया पत्र ------
कशिश जी ,
मैं सदैव आपका सहयोग करती रहूँगी , पर आप मेरी उतनी ही प्रशंसा किया करें जितनी की मैं अधिकारी हूँ । आपसे अनुरोध है कि आप मुझे प्रशंसा के भँवरजाल में इतना मत फंसाओ कि मैं स्वयं को ही भूल जाऊँ , कदाचित मैं अभी इतनी प्रशंसा के लायक नहीं हूँ जितनी की आप कर रहे हैं । अभी तो सिर्फ साधारण लड़की और आपकी कक्षामित्र मात्र हूँ । पत्र पढ़कर अच्छा लगा प्रत्युत्तर लिखने के लिये धन्यवाद ।
-------- अनाइसा
©️®️ प्रेम कुमार लविश
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